गोविंद धाम में आपका स्वागत है!

आध्यात्मिक विकास

ध्यान योग

ध्यान का अर्थ है होश, जागरूकता एंव बोध। योग के अनुसार अष्टांगयोग में अतंरंग अंग धारणा, ध्यान और समाधि है। श्रीगोविंदधाम गतौली, जींद हरियाणा में ध्यान योग के अंतर्गत अनेकों ध्यान विधियों से जीव को ध्यान और समाधि की तरफ अग्रसर किया जाता है। आज के दिन श्रीगोविंदधाम में कम से कम 100 विधियों पर काम किया जा रहा है। जिनसे जीव को आसानी से आत्मज्ञान की तरफ मोड़ा जा सके। विचार से निर्विचारता की तरफ, ध्वनि से निध्र्वनि की तरफ मोड़ा जा सके और रूप से अरूप की तरफ, मन से नमन की तरफ, काम से राम की तरफ, उर्जा के उध्र्वगमन से जीव को तत्वज्ञान का अनुभव करवाया जा सके।

हमारे साथ जुड़ना चाहते हैं

एक गर्वित स्वयंसेवक बनें

गौरवशाली सेवादार बनें- श्रीगोविंदधाम गतौली, जींद हरियाणा में हजारों की संख्या में सेवादार कार्यरत हैं। ये सभी सेवादार गुरूजी के आदेश अनुसार पूरी निष्ठा के साथ सेवादान कर रहे हैं। गुरूजी बताते हैं कि सेवा, सत्संग, सुमिरन और समर्पण इन चार चीजों का परमात्मा तक पहुंचने में विशेश योगदान होता है। इनमें सेवा सबसे पहला अंग है, जो तन, मन, धन से धाम के कार्यों के लिए सदैव तत्पर है। वहीं सच्चा सेवादार है।