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आध्यात्मिक विकास

कुण्डलीनी शक्ति जागरण एंव शक्तिपात दिक्षा: -

श्री गोविंद धाम (गतौली) जींद, हरियाणा में श्री गुरू रणदीप जी द्वारा योग्य एंव पात्र साधकों पर शक्तिपात प्रक्रिया द्वारा कुण्डलीनी शक्ति जागरण किया जाता है। पूरे विश्व में शक्तिपात करने में समर्थ केवल कुछ ही गुरू हैं उनमें से संतशिरोमणि सद्गुरू रणदीप जी सर्वोपरि हैं। सद्गुरू जी दृष्टिमात्र से शक्तिपात कर देते हैं। श्रीगोविंदधाम में बहुत से साधकों की कुण्डलीनी जागृत हो रही है। शक्तिपात दिक्षा से बहुत ही कम समय में साधक के सभी चक्र पूर्णतः जागृत हो जाते हैं और स्वतः ही सिद्धियाँ प्राप्त होने लग जाती हैं। शक्ति मूलाधार चक्र से उध्र्वगामी होकर सहस्त्र चक्र से होती हुई अनन्त के साथ एकीकार कर जाती है। शक्तिपात दिक्षा मानव को मानव से महामानव बनाने में अनन्त उपयोगी है।

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गौरवशाली सेवादार बनें- श्रीगोविंदधाम गतौली, जींद हरियाणा में हजारों की संख्या में सेवादार कार्यरत हैं। ये सभी सेवादार गुरूजी के आदेश अनुसार पूरी निष्ठा के साथ सेवादान कर रहे हैं। गुरूजी बताते हैं कि सेवा, सत्संग, सुमिरन और समर्पण इन चार चीजों का परमात्मा तक पहुंचने में विशेश योगदान होता है। इनमें सेवा सबसे पहला अंग है, जो तन, मन, धन से धाम के कार्यों के लिए सदैव तत्पर है। वहीं सच्चा सेवादार है।