July
पावन गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर हम अपने गुरुजनों के श्रीचरणों में श्रद्धा, भक्ति एवं कृतज्ञता सहित कोटि-कोटि प्रणाम करते हैं।
गुरु वह दिव्य प्रकाश हैं जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान, सत्य और आत्मबोध का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उनके आशीर्वाद से जीवन में विवेक, संस्कार, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक उन्नति का संचार होता है।
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
अर्थ: गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं, गुरु ही भगवान महेश हैं। गुरु ही साक्षात् परब्रह्म हैं। ऐसे श्रीगुरुदेव को हमारा सादर प्रणाम।
आइए, इस पावन पर्व पर अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करें और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को ज्ञान, सेवा, सदाचार और आध्यात्मिक उन्नति से आलोकित करें।
आप एवं आपके परिवार को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ।
सद्गुरु की कृपा, आशीर्वाद एवं दिव्य मार्गदर्शन सदैव आप पर बना रहे।