Jan
भक्तों का विश्वास है कि इस दिन पवित्र नदियों (जैसे गंगा, यमुना या सरस्वती) में स्नान करने से शुद्धि और आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है।
यह दिन कल्पवास की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, जो विशेष रूप से प्रयागराज में माघ मेले और कुंभ से जुड़े आयोजनों के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
इस दिन कई लोग दान-पुण्य करते हैं, खासकर ठंड के मौसम को देखते हुए अन्न, वस्त्र या कंबल का दान किया जाता है।
यह दिन सत्यनारायण पूजा और भगवान विष्णु की उपासना के लिए भी विशेष महत्व रखता है।
सांस्कृतिक परंपराएँ
प्रातःकाल पवित्र नदी में स्नान
उपवास रखना या सात्विक शाकाहारी भोजन करना
धार्मिक ग्रंथों का पाठ या श्रवण करना
जरूरतमंदों की सहायता करना
संक्षेप में, पौष पूर्णिमा शुद्धि, भक्ति और उदारता का पर्व है।