May
ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा हिंदू पंचांग के पवित्र अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में आने वाली एक अत्यंत शुभ और पवित्र पूर्णिमा है। यह दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और आध्यात्मिक उन्नति, भक्ति, दान तथा आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, सत्यनारायण पूजा करते हैं, विष्णु मंत्रों का जाप करते हैं और सुख, शांति, समृद्धि एवं भगवान की कृपा प्राप्त करने हेतु प्रार्थना करते हैं। इस दिन दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है और इससे सकारात्मक ऊर्जा तथा पुण्य की प्राप्ति होती है।
यह पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक शुद्धि का प्रतीक है, जो लोगों को पूजा, ध्यान और अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का पालन करने से जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
भगवान विष्णु सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और सभी को सुख, समृद्धि एवं आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करें।